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Muscular Nationalism, Militarism and Misogyny

Rajeev Tyagi

The concept of the nation-state, its establishment, and accommodation of its racial and ethnical diversity; in addition, keeping the law and order and furthermore the invasions, led to the rise of nationalist sentiments– nationalism– and simultaneously militarism¹.

सामाजिक व्यवहार और प्रथाएं लैंगिक न्याय में बाधक है

आदित्य जोशी
दीपक तैनगुरिया

भारत को अपने संविधान पर गर्व है जो कि समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के आधार पर गढ़ा और रचा गया है। भारतीय नागरिक कुछ मौलिक अधिकारों का प्रयोग करते हैं जो उन्हें समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और

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